लेखनी प्रतियोगिता -11-Jun-2023
मुद्दतो बाद अब , गुनगुनाया हूँ मैं
गम के बाजार में , मुस्कुराया हूँ मैं
आया कोई भी लम्हा खुशी का नही
बीती दुनियाँ में बस लौट आया हूँ मैं
सारी गलियाँ मोहल्ले बदल है गये
यादें पहले सी ही जान पाया हूँ मैं
घूमा सारा शहर कुछ भी भाया नही
फिर जाँ पीपल तले आज आया हूँ मैं
साथ तुम ले गई जान मेरी भी जाँ
एक तन्हा सा जाँ कोई साया हूँ मैं
छोड़कर ये शहर कुछ भी पाया नही
पाने उस दर्द को फिर से आया हूँ मैं
मैंने सब से कहाँ खूब खुश हूँ यहाँ
आंशुओं से मगर जाँ नहाया हूँ मैं
मिर्च हो घाव में ये शौक मुझको नही
तुझको गीतों में गाने को आया हूँ मैं
ऋषभ तोमर
वानी
17-Jun-2023 09:54 AM
Beautiful
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Gunjan Kamal
13-Jun-2023 01:51 AM
👏👌
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Abhinav ji
12-Jun-2023 09:03 AM
Very nice 👍
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